मन की बात !

आज
मन की बात कह ले, धीरे-धीरे, चोरी-चुपके;
तू है मेरे साथ मितवा, मैं भी तेरे पास !!

आज हँस ले और गा ले, संग मेरे मुस्करा ले;
कल न जाने तू कहाँ या खत्म हो मेरी कहानी !?
आज है मधुमास !
तू है मेरे साथ मितवा, मैं भी तेरे पास !!

दूर कर ले गिले-सिकवे , प्यार कर, मत गालियाँ दे;
आज का पल फिर दोबारा हो न सकता खास !
तू है मेरे साथ मितवा, मैं भी तेरे पास !!

याद हैं वो सब नजारे, चाँद-तारों के इशारे;
कभी हँसकर बात करना, कभी रोना-रूठ जाना !
बीच सखियों के, लिए अपनी उदासी,
…और संजोए मिलन की आस !
तू है मेरे साथ मितवा, मैं भी तेरे पास !!

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